विद्यालय का इतिहास राष्ट्र की सभ्यता एवं विकसित देश की आत्मा शिक्षा के पाल्य के रूप में सदैव से अपनी पहचान रखती है | व्यक्ति, परिवार, मोहल्ला, नगर एवं समाज सभी का विकास शिक्षा पर आधारित है | इस शाश्वत विचार को गति प्रदान करने में नारी एवं पुरुष दोनों का समान सहयोग संतुलित समाज की रचना में अपना योगदान देता है | जब कभी इसमें अधूरापन होता है, तो सामाजिक संतुलन बिगड़ता है | लगभग 20 वर्ष पूर्व असभ्यता के वाहक एक व्यक्ति की काली छाया इस नगर पर पड़ी, फलस्वरूप एक सरल शिक्षित परिवार विनाश के कगार पर पहुँच गया | असामयिक तीन लोगों की मृत्यु ने नगर के बुद्धिजीवियों को हिलाकर रख दिया | ऐसी विषम परिस्थिति में कुछ विद्या अनुरागी, बुद्धिजीवी लोगों के बौद्धिक मंथन के प्रतिफल के रूप में इस विद्यालय की स्थापना सन 1995 में हुई थी | शिक्षाविद पं.मिश्रीलाल मिश्र, पं.शंकर लाल शुक्ल,श्री जगदीश प्रसाद वर्मा, श्री मास्टर ईश्वरदीन, श्री मास्टर हामिद मिर्ज़ा, श्री मास्टर अहमद हसन रिज़वी तथा नगर के शिक्षाविद,समाजसेवी, स्टेट स्तरीय ख़िलाड़ी एवं बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी श्री रामजी मिश्र ने किया था | विद्यालय के प्रथम प्रधानाचार्य विद्याभारती में कार्यरत श्री ज्ञानेन्द्र सिंह जी बनाये गये | माँ सरस्वती एवं लक्ष्मी दोनों के कृपा पात्र डॉ गोपाल नारायण सैगल, डॉ राजकिशोर टंडन, डॉ के डी जोशी, पद्मविभूषण डॉ बद्रीनाथ टंडन एवं तत्कालीन सांसद माननीय जनार्दन मिश्र की असीम कृपा से विद्यालय का विकास हुआ | बाद में जनपद के एम.एल.सी. भरत त्रिपाठी, डॉ ओमप्रकाश त्रिपाठी व श्री जुबैर अहमद ने इसको संबल प्रदान किया | सन 1995 से 2022 के मध्य रहे नगर पालिका अध्यक्षों कु० शाहिना इशरत,हाजी मोहम्मद हनीफ अन्सारी, अतीक अहमद अन्सारी ,हाजी जलीस अहमद अन्सारी भाई एहतिशामउद्दीन व माननीय इस्तिफा खां साहब का सदैव विद्यालय को सहयोग मिला |संस्था को आगे बढ़ाने में प्रदेश के वरिष्टतम राजनीतिज्ञ माननीय लालजी टंडन पूर्व मंत्री व गवर्नर बिहार व मध्य प्रदेश तथा प्रदेश के वित्त मंत्री श्री राजेंद्र गुप्त का भी विद्यालय परिवार कृतज्ञ है | युवा कोषाध्यक्ष श्री दीपक मिश्रा (एडवोकेट) का सहयोग भी नवयुवकों के लिये अनुकरणीय है | डी.जे. कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य स्व० राम औतार श्रीवास्तव जी ने लगभग 10 वर्ष के कार्यकाल में विद्यालय को शिक्षा वटवृक्ष बनाया | वर्तमान में इस संस्था में लगभग 85 शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी , 2000 छात्र/छात्राएं विज्ञान, कला, कृषि तीनों वर्गों के साथ-साथ हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान तथा नैतिक मूल्यों की कार्यशालाओं का सम्पूर्ण संचालन विद्यालय के निदेशक श्री अलकेश मिश्रा तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विजय कुमार अवस्थी जी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है | श्री मोहन बिहारी बाजपेयी, श्री वीरेंद्र सिंह चौहान के रूप में एक सशक्त, वैचारिक, बौद्धिक, ज्ञानात्मक क्षमता से युक्त कर्ता शिष्टमंडल उनके पास है | प्रदेश की सर्वोच्च परीक्षा पी.सी.एस. से लेकर मा० शिक्षा परिषद तक की सभी परीक्षाओं का विद्यालय केंद्र है | विगत कई वर्षों से विद्यालय के छात्र/छात्राएं अधिक अंक पा कर शिक्षा की ध्वज पताका फहरा रहे हैं | जिसके फलस्वरूप आज तीन इंटर कालेज खैराबाद नगर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं –